ज्योतिर्लिंग बारह हैं, जो भारत के आठ राज्यों में फैले हैं — तीन महाराष्ट्र में, दो-दो गुजरात और मध्य प्रदेश में, और एक-एक उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, झारखंड, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में।
किसी भी नाम पर टैप करके वह धाम खोलें: उसकी कथा, दर्शन समय और वहाँ कैसे पहुँचें।
| # | ज्योतिर्लिंग | English | नगर | ज़िला | राज्य | निकटतम रेलवे स्टेशन |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 01 | सोमनाथ | Somnath | प्रभास पाटन | गिर सोमनाथ | गुजरात | वेरावल जंक्शन ~7 km |
| 02 | मल्लिकार्जुन | Mallikarjuna | श्रीशैलम | नंद्याल | आंध्र प्रदेश | मार्कापुर रोड ~85 km |
| 03 | महाकालेश्वर | Mahakaleshwar | उज्जैन | उज्जैन | मध्य प्रदेश | उज्जैन जंक्शन ~2 km |
| 04 | ओंकारेश्वर | Omkareshwar | मांधाता | खंडवा | मध्य प्रदेश | ओंकारेश्वर रोड ~12 km |
| 05 | केदारनाथ | Kedarnath | केदारनाथ | रुद्रप्रयाग | उत्तराखंड | ऋषिकेश ~210 km |
| 06 | भीमाशंकर | Bhimashankar | भीमाशंकर | पुणे | महाराष्ट्र | पुणे जंक्शन ~110 km |
| 07 | काशी विश्वनाथ | Kashi Vishwanath | वाराणसी | वाराणसी | उत्तर प्रदेश | वाराणसी जंक्शन ~4 km |
| 08 | त्र्यंबकेश्वर | Trimbakeshwar | त्र्यंबक | नासिक | महाराष्ट्र | नासिक रोड ~40 km |
| 09 | वैद्यनाथ | Vaidyanath | देवघर | देवघर | झारखंड | जसीडीह जंक्शन ~7 km |
| 10 | नागेश्वर | Nageshwar | द्वारका | देवभूमि द्वारका | गुजरात | द्वारका ~17 km |
| 11 | रामनाथस्वामी | Ramanathaswamy | रामेश्वरम् | रामनाथपुरम | तमिलनाडु | रामेश्वरम् ~1 km |
| 12 | घृष्णेश्वर | Grishneshwar | वेरूळ (एलोरा) | छत्रपति संभाजीनगर | महाराष्ट्र | औरंगाबाद ~30 km |
एक छपने योग्य पृष्ठ, हिन्दी और अंग्रेज़ी में, साथ में मानचित्र भी। निःशुल्क, बिना किसी रोक के, बिना ईमेल के।
भारत के मानचित्र पर अंकित बारहों धाम। किसी दीप पर टैप कीजिए और जानिए वह कौन-सा धाम है।
वही बारह, अपनी-अपनी कथा के साथ। हर कार्ड एक पूरा पृष्ठ खोलता है — कथा, दर्शन समय, वस्त्र-नियम, कैसे पहुँचें।












आठ राज्यों में बारहों बँटे हुए हैं। सबसे अधिक महाराष्ट्र में हैं।
दोनों संख्याएँ अपनी जगह ठीक हैं, इसीलिए दोनों सुनने को मिलती हैं। तीन तो निर्विवाद रूप से महाराष्ट्र में हैं — भीमाशंकर, त्र्यंबकेश्वर और घृष्णेश्वर।
संख्या पाँच तब होती है जब महाराष्ट्र के दो और दावे स्वीकार किए जाएँ। हिंगोली का औंढा नागनाथ कुछ परंपराओं में द्वारका के पास वाले धाम के स्थान पर असली नागेश्वर माना जाता है; इसी प्रकार बीड का परली वैजनाथ देवघर के स्थान पर असली वैद्यनाथ बताया जाता है। ये दावे न तो हाशिये के हैं और न ही निपटे हुए।
यह साइट बारहों को द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र के क्रम में रखती है, जिसमें नागेश्वर द्वारका के पास और वैद्यनाथ देवघर में हैं — यही सर्वाधिक मान्य पाठ है और यही सर्वाधिक दर्शनीय भी। दोनों विवाद उन्हीं दो पृष्ठों पर विस्तार से दिए गए हैं।