हर हर महादेव
दर्शन एवं आरती समय

12 ज्योतिर्लिंग दर्शन समय

बारहों ज्योतिर्लिंग सप्ताह के सातों दिन दर्शन के लिए खुले रहते हैं, और सामान्य दर्शन हर धाम पर निःशुल्क है। सबसे पहले काशी विश्वनाथ खुलता है, रात 2:30 बजे, और सबसे देर तक महाकालेश्वर और काशी विश्वनाथ खुले रहते हैं, रात 11:00 बजे तक। बारह में से 8 धाम दोपहर में एक निश्चित समय के लिए बंद होते हैं, और केदारनाथ केवल अपने यात्रा-काल में खुलता है — 22 अप्रैल 2026 से ≈ 11 नवंबर 2026 (भैया दूज) तक।

भारत में अभी --:--·जाँच रहे हैं…
13 अगस्त 2026 को सत्यापित · सभी समय भारतीय मानक समय में

एक दृष्टि में बारहों ज्योतिर्लिंगों के दर्शन समय

हर मंदिर के घोषित दर्शन-समय, भारतीय समय में। अंतिम स्तंभ सजीव है: यह हर मंदिर को भारत की इस क्षण की घड़ी से मिलाता है।

#ज्योतिर्लिंगराज्यदर्शन समयदोपहर का विरामइस समय
01सोमनाथगुजरातसुबह 6:00रात 10:00कोई निश्चित विराम नहींजाँच रहे हैं…
02मल्लिकार्जुनआंध्र प्रदेशसुबह 6:00दोपहर 1:00दोपहर 3:00रात 10:00दोपहर 1:00दोपहर 3:00जाँच रहे हैं…
03महाकालेश्वरमध्य प्रदेशसुबह 4:00रात 11:00कोई निश्चित विराम नहींजाँच रहे हैं…
04ओंकारेश्वरमध्य प्रदेशसुबह 5:00दोपहर 12:20दोपहर 1:15शाम 4:00शाम 4:15रात 8:00दोपहर 12:20दोपहर 1:15शाम 4:00शाम 4:15जाँच रहे हैं…
05केदारनाथयात्रा-काल: 22 अप्रैल 2026 से ≈ 11 नवंबर 2026 (भैया दूज) तकउत्तराखंडसुबह 7:00दोपहर 3:00शाम 5:00रात 8:30दोपहर 3:00शाम 5:00जाँच रहे हैं…
06भीमाशंकरमहाराष्ट्रसुबह 5:00दोपहर 12:00दोपहर 12:30रात 9:30दोपहर 12:00दोपहर 12:30जाँच रहे हैं…
07काशी विश्वनाथउत्तर प्रदेशरात 2:30रात 11:00कोई निश्चित विराम नहींजाँच रहे हैं…
08त्र्यंबकेश्वरमहाराष्ट्रसुबह 5:30रात 9:00कोई निश्चित विराम नहींजाँच रहे हैं…
09वैद्यनाथझारखंडसुबह 4:00दोपहर 3:30शाम 6:00रात 9:00दोपहर 3:30शाम 6:00जाँच रहे हैं…
10नागेश्वरगुजरातसुबह 6:00दोपहर 12:30शाम 5:00रात 9:30दोपहर 12:30शाम 5:00जाँच रहे हैं…
11रामनाथस्वामीतमिलनाडुसुबह 5:00दोपहर 1:00दोपहर 3:00रात 9:00दोपहर 1:00दोपहर 3:00जाँच रहे हैं…
12घृष्णेश्वरमहाराष्ट्रसुबह 5:30दोपहर 3:00शाम 5:30रात 9:30दोपहर 3:00शाम 5:30जाँच रहे हैं…
सजीव स्थिति घोषित दर्शन-समय के अनुसार है। कई मंदिरों में — महाकालेश्वर, काशी विश्वनाथ और ओंकारेश्वर सहित — आरती के समय दर्शन भी रुक जाते हैं। पर्व के दिनों में, श्रावण मास में और कभी-कभी बिना सूचना के समय बदलता है। 13 अगस्त 2026 को सत्यापित — यात्रा से पहले मंदिर के आधिकारिक पोर्टल पर पुष्टि अवश्य कर लें।

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बारहों एक A4 पृष्ठ पर छापने के लिए, या फ़ोन में रखने के लिए चित्र के रूप में। निःशुल्क, बिना पंजीकरण।

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धाम-दर-धाम

हर ज्योतिर्लिंग के दर्शन समय

पारंपरिक क्रम में बारहों: दर्शन के समय, टिकट-मूल्य सहित पूरी आरती एवं अनुष्ठान-सूची, दिन का वह समय जो वास्तव में ठीक रहता है, और आधिकारिक बुकिंग पोर्टल का पता।

01

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन समय

प्रभास पाटन, वेरावल · गुजरातजाँच रहे हैं…

दर्शन समय

प्रतिदिन दर्शनसुबह 6:00रात 10:00

सातों दिन खुला, दोपहर में कोई विराम नहीं। संध्या के बाद मंदिर आलोकित रहता है और आरती के समय सबसे अधिक भीड़ होती है।

दर्शन का सबसे अच्छा समय

सुबह 6–7 बजे सबसे छोटी पंक्ति मिलती है। गति के बजाय वातावरण चाहिए तो शाम 7 बजे की संध्या आरती में आइए, जब शिखर के पीछे सागर हो।

आरती एवं अनुष्ठान-सूची

  • सुबह 7:00सुबह 7:30प्रभात आरतीप्रातःकाल
  • दोपहर 12:00दोपहर 12:30माध्यन्ह आरतीमध्याह्न
  • रात 7:00रात 7:30संध्या आरतीसायंकाल — सर्वाधिक उपस्थिति
  • रात 7:45रात 8:45“जय सोमनाथ” ध्वनि एवं प्रकाश शोमंदिर परिसर में; तेज़ वर्षा में स्थगित
02

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग दर्शन समय

श्रीशैलम, नल्लामला पहाड़ियाँ · आंध्र प्रदेशजाँच रहे हैं…

दर्शन समय

प्रातःकालीन दर्शनसुबह 6:00दोपहर 1:00
सायंकालीन दर्शनदोपहर 3:00रात 10:00

मंदिर अनुष्ठानों के लिए प्रातः 4:00 बजे खुलता है और रात 10:00 बजे बंद होता है। जनवरी 2026 से देवस्थानम शनिवार, रविवार, सोमवार और सार्वजनिक अवकाश पर भीड़ नियंत्रण हेतु चरणबद्ध स्लॉट प्रणाली चलाता है — इन दिनों स्लॉट पहले से बुक करें।

दर्शन का सबसे अच्छा समय

कार्यदिवसों पर सीधे जाइए। शनिवार, रविवार, सोमवार और सार्वजनिक अवकाश पर स्लॉट बुक करें और उससे 30–45 मिनट पहले पहुँचें। बाघ अभयारण्य से गुज़रने वाला मार्ग रात में बंद रहता है, इसलिए संध्या से पहले पहाड़ी पर पहुँच जाएँ।

आरती एवं अनुष्ठान-सूची

  • सुबह 4:30सुबह 5:00सुप्रभात सेवादेव-जागरण
  • सुबह 5:00सुबह 6:00मंगल वाद्य एवं अभिषेकम्
  • सुबह 6:30सुबह 8:00सामूहिक अभिषेकम्सामूहिक अभिषेक, पूर्व बुकिंग से₹1,500
  • सुबह 6:00सुबह 7:00गर्भालय अभिषेकम्गर्भगृह के भीतर, लिंग के समीप। स्लॉट अत्यंत सीमित₹5,000
  • दोपहर 12:00दोपहर 12:30महामंगल हारतीमध्याह्न
  • शाम 6:00रात 7:00प्रदोष काल पूजा
  • रात 9:30रात 10:00एकांत सेवाभगवान को शयन कराया जाता है
03

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन समय

उज्जैन, शिप्रा तट पर · मध्य प्रदेशजाँच रहे हैं…

दर्शन समय

प्रतिदिन दर्शनसुबह 4:00रात 11:00

मंदिर लगभग चौबीसों घंटे सक्रिय रहता है। प्रत्येक आरती के समय दर्शन रुक जाते हैं, यदि आपके पास उस आरती की अनुमति न हो। सोमवार, पूरा श्रावण और महाशिवरात्रि अत्यंत भीड़भाड़ वाले होते हैं।

दर्शन का सबसे अच्छा समय

भस्म आरती के लिए रात 2:30 बजे तक द्वार पर पहुँचें — सुबह 4 बजे के आरंभ से बहुत पहले प्रवेश बंद हो जाता है। सामान्य दर्शन के लिए सोमवार और पूरे श्रावण से बचें।

आरती एवं अनुष्ठान-सूची

  • सुबह 4:00सुबह 6:00भस्म आरतीभोर की भस्म-विधि। पूर्व बुकिंग आवश्यक — श्रावण में स्लॉट क्षण भर में समाप्तबुकिंग अनिवार्य
  • सुबह 7:30सुबह 8:15नैवेद्य आरतीग्रीष्म में प्रातः 7:00–7:45
  • सुबह 10:30सुबह 11:15माध्यन्ह भोग आरती
  • शाम 5:00शाम 5:45संध्या पूजा
  • रात 7:00रात 7:45संध्या आरतीबुकिंग प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे खुलती है≈ ₹250
  • रात 10:30रात 11:00शयन आरतीबुकिंग प्रतिदिन सायं 4:00 बजे खुलती है
04

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन समय

मांधाता द्वीप, नर्मदा · मध्य प्रदेशजाँच रहे हैं…

दर्शन समय

प्रातःकालसुबह 5:00दोपहर 12:20
अपराह्नदोपहर 1:15शाम 4:00
सायंकालशाम 4:15रात 8:00

मंदिर प्रातः 5:00 बजे खुलता है और रात 9:30 बजे बंद होता है। आरती और शृंगार के समय दर्शन बंद रहते हैं। सामान्य दिन में भी 30–40 मिनट की पंक्ति की अपेक्षा रखें।

दर्शन का सबसे अच्छा समय

सामान्य कार्यदिवस पर पंक्ति 30–40 मिनट की होती है। जल्दी पहुँचें और द्वीप की परिक्रमा सुबह 7 बजे से पहले शुरू करें, इससे पहले कि चट्टान तपने लगे। श्रावण के सोमवार और महाशिवरात्रि पर शीघ्र दर्शन लें।

आरती एवं अनुष्ठान-सूची

  • सुबह 5:00सुबह 5:30मंगला आरतीदिन का आरंभ
  • दोपहर 12:20दोपहर 1:15माध्यन्ह आरती
  • शाम 4:00शाम 4:15संध्या / शृंगार
  • रात 8:30रात 9:30शयन आरतीसमापन विधि
05

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन समय

केदारनाथ, रुद्रप्रयाग · उत्तराखंडजाँच रहे हैं…

दर्शन समय

यात्रा-काल: 22 अप्रैल 2026 से ≈ 11 नवंबर 2026 (भैया दूज) तक
प्रातःकालीन दर्शनसुबह 7:00दोपहर 3:00
सायंकालीन दर्शनशाम 5:00रात 8:30

केवल यात्रा-काल में खुला। मंदिर प्रातः 4:00 बजे महाभिषेक हेतु खुलता है और रात 8:30 बजे बंद होता है। अपराह्न 3:00 से 5:00 बजे तक विधि और शृंगार हेतु बंद रहता है।

दर्शन का सबसे अच्छा समय

केवल कपाट खुलने से भैया दूज तक — 2026 में 22 अप्रैल से लगभग 11 नवंबर तक। चढ़ाई ऐसे आँकें कि दोपहर 3 से शाम 5 बजे के बीच, जब कपाट बंद रहते हैं, न पहुँचें; एक ही अनुष्ठान में सम्मिलित हों तो शाम 6 बजे की संध्या आरती चुनें।

आरती एवं अनुष्ठान-सूची

  • सुबह 4:00सुबह 7:00महाभिषेकसामान्य दर्शन से पूर्व विशेष पूजा; बुक की जा सकती है
  • शाम 6:00रात 7:00संध्या आरतीयदि केवल एक में सम्मिलित हों, तो यही
  • रात 7:30रात 8:30शयन आरतीभगवान को शयन कराया जाता है
06

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग दर्शन समय

खेड़, सह्याद्रि पहाड़ियाँ · महाराष्ट्रजाँच रहे हैं…

दर्शन समय

प्रातःकालसुबह 5:00दोपहर 12:00
अपराह्न एवं सायंकालदोपहर 12:30रात 9:30

मंदिर प्रातः 4:30 बजे काकड़ आरती के साथ खुलता है और लगभग रात 9:30 बजे बंद होता है। दोपहर के आसपास नैवेद्य हेतु छोटा विराम रहता है। जीर्णोद्धार के समय कभी-कभी समय सीमित हो जाता है — लंबी यात्रा से पहले bhimashankar.in पर पुष्टि कर लें।

दर्शन का सबसे अच्छा समय

सामान्य कार्यदिवसों पर पंक्ति छोटी रहती है। श्रावण के सोमवार को भोर से पहले निकलें। वन-मार्ग संकरा और घुमावदार है — दिन के उजाले में ही गाड़ी चलाएँ।

आरती एवं अनुष्ठान-सूची

  • सुबह 4:30सुबह 5:00काकड़ आरतीजागरण आरती
  • सुबह 5:00सुबह 5:30निजरूप दर्शनलिंग बिना शृंगार के दर्शन
  • सुबह 5:00सुबह 6:00पंचामृत अभिषेक
  • सुबह 7:00सुबह 8:00महापूजा
  • दोपहर 12:00दोपहर 12:30माध्यन्ह आरतीनैवेद्य
  • रात 7:30रात 8:15संध्या आरतीसायंकाल
  • रात 9:00रात 9:30शयन आरती
07

काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन समय

वाराणसी, गंगा तट पर · उत्तर प्रदेशजाँच रहे हैं…

दर्शन समय

प्रतिदिन दर्शनरात 2:30रात 11:00

किसी भी भारतीय मंदिर के सबसे लंबे दर्शन-दिवसों में से एक। प्रत्येक सशुल्क आरती के समय दर्शन रुकते हैं। धाम के प्रवेश द्वार और निःशुल्क मोबाइल लॉकर मंदिर से पहले ही खुल जाते हैं।

दर्शन का सबसे अच्छा समय

सोमवार को छोड़कर किसी भी कार्यदिवस पर सुबह 6–8 बजे: मंगला आरती हो चुकी होती है, पूजाएँ चल रही होती हैं और पंक्ति सबसे छोटी होती है। सुबह 11 से दोपहर 1 बजे की पर्यटक भीड़ से बचें।

आरती एवं अनुष्ठान-सूची

  • रात 3:00सुबह 4:00मंगला आरतीभगवान का जागरण। पूर्व बुकिंग, क्षमता अत्यंत सीमित≈ ₹500
  • सुबह 11:15दोपहर 12:20भोग आरती≈ ₹180
  • रात 7:00रात 8:15संध्या / सप्तऋषि आरतीसात पुजारी, सात ऋषियों के लिए एक-एक≈ ₹180
  • रात 9:00रात 10:15शृंगार / भोग आरती≈ ₹180
  • रात 10:30रात 11:00शयन आरतीभगवान को शयन कराया जाता है
08

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन समय

त्र्यंबक, नासिक के निकट · महाराष्ट्रजाँच रहे हैं…

दर्शन समय

प्रतिदिन दर्शनसुबह 5:30रात 9:00

प्रतिदिन खुला, दोपहर 12:30 के आसपास मध्याह्न पूजा हेतु छोटा विराम। अभिषेक के समय गर्भगृह प्रवेश सीमित रहता है; बाहर सामान्य पंक्ति चलती रहती है।

दर्शन का सबसे अच्छा समय

कार्यदिवसों की सुबह सबसे सहज है। सप्ताहांत, सोमवार और श्रावण में काउंटर पर मिलने वाला सशुल्क वीआईपी पास प्रतीक्षा काफ़ी घटा देता है।

आरती एवं अनुष्ठान-सूची

  • सुबह 5:30सुबह 7:00प्रातःकालीन पूजा एवं अभिषेक
  • सुबह 7:00सुबह 8:30रुद्राभिषेकगर्भगृह में प्रायोजित अभिषेक
  • दोपहर 1:00दोपहर 1:30माध्यन्ह पूजा
  • शाम 4:30शाम 5:00संध्या पूजा
  • रात 7:30रात 8:15संध्या आरती
  • रात 8:45रात 9:00शयन आरती
09

वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन समय

देवघर (बाबा बैद्यनाथ धाम) · झारखंडजाँच रहे हैं…

दर्शन समय

प्रातःकालसुबह 4:00दोपहर 3:30
सायंकालशाम 6:00रात 9:00

मंदिर प्रातःकालीन अनुष्ठानों हेतु लगभग 4:00 बजे खुलता है, अपराह्न में भोग और सफ़ाई हेतु विराम रहता है। श्रावणी मेला और महाशिवरात्रि में समय काफ़ी बढ़ जाता है।

दर्शन का सबसे अच्छा समय

श्रावणी मेले (2026 में लगभग 30 जुलाई से 28 अगस्त) को छोड़कर कभी भी। मेले के दौरान शीघ्र दर्शनम् पास के साथ भी आधा दिन मानकर चलें।

आरती एवं अनुष्ठान-सूची

  • सुबह 4:00सुबह 5:30कपाट उद्घाटन एवं सरकारी पूजासार्वजनिक दर्शन से पूर्व की प्रातःकालीन विधियाँ
  • शाम 6:00रात 7:00शृंगार पूजा
  • शाम 6:00शाम 6:30संध्या आरती
  • रात 8:00रात 9:00रात्रि आरतीमंदिर बंद होने से पूर्व
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नागेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन समय

द्वारका और बेट द्वारका के बीच · गुजरातजाँच रहे हैं…

दर्शन समय

प्रातःकालसुबह 6:00दोपहर 12:30
सायंकालशाम 5:00रात 9:30

मंदिर परिसर लगभग प्रातः 5:00 बजे खुलता है। कुछ ऋतुओं में दोपहर के विराम के बिना रात 9:00 बजे तक निरंतर दर्शन चलते हैं — स्थानीय रूप से पुष्टि कर लें। महाशिवरात्रि, जन्माष्टमी और श्रावण में समय बदल जाता है।

दर्शन का सबसे अच्छा समय

लगभग कभी भी — पर्वों को छोड़ पंक्तियाँ प्रायः छोटी रहती हैं। सुबह आइए और उसी दिन द्वारकाधीश व बेट द्वारका भी कर लीजिए।

आरती एवं अनुष्ठान-सूची

  • सुबह 5:00सुबह 5:30मंगला आरतीजागरण आरती
  • दोपहर 12:00दोपहर 12:30माध्यन्ह आरती
  • रात 7:00रात 7:30संध्या आरतीसायंकाल
  • रात 9:00रात 9:30शयन आरती
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रामनाथस्वामी ज्योतिर्लिंग दर्शन समय

रामेश्वरम्, पंबन द्वीप · तमिलनाडुजाँच रहे हैं…

दर्शन समय

प्रातःकालसुबह 5:00दोपहर 1:00
सायंकालदोपहर 3:00रात 9:00

दोपहर 1:00 से 3:00 बजे तक बंद। 22 कूपों का स्नान प्रातःकाल चलता है और इसे जल्दी आरंभ करना ही श्रेष्ठ है — प्रातः 5:30 तक कूपों पर पंक्तियाँ लगभग शून्य रहती हैं।

दर्शन का सबसे अच्छा समय

कार्यदिवस पर सुबह 4:30 बजे तक पहुँचें: स्फटिक लिंग के दर्शन 5:10 पर होते हैं, और 22 कुंड लगभग 5:30 तक ख़ाली रहते हैं। नौ बजे तक स्थिति उलट जाती है।

आरती एवं अनुष्ठान-सूची

  • सुबह 5:00सुबह 5:10पल्लियरै दीप आराधनादेव-जागरण
  • सुबह 5:10सुबह 5:45स्फटिकलिंग दीप आराधनास्फटिक लिंग — एक दुर्लभ दर्शन
  • सुबह 5:45सुबह 6:30तिरुवनंदल दीप आराधना
  • सुबह 7:00सुबह 7:30विला पूजा
  • सुबह 10:00सुबह 10:30कालसंधि पूजा
  • दोपहर 12:00दोपहर 12:30उच्चिकाल पूजामध्याह्न
  • शाम 6:00शाम 6:30सायरक्षा पूजा
  • रात 8:30रात 9:00अर्धजाम पूजादिन की अंतिम
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घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन समय

वेरूळ, एलोरा के पास · महाराष्ट्रजाँच रहे हैं…

दर्शन समय

प्रातःकाल एवं अपराह्नसुबह 5:30दोपहर 3:00
सायंकालशाम 5:30रात 9:30

अपराह्न 3:00 से 5:30 बजे तक विराम रहता है। श्रावण और महाशिवरात्रि में समय बहुत बढ़ जाता है — प्रातः 3:00 बजे तक खुलकर रात 11:00 बजे तक।

दर्शन का सबसे अच्छा समय

सुबह 6 बजे आइए। मंदिर छोटा है और दोपहर से पहले ही आँगन भर जाता है। गर्भगृह में प्रवेश के लिए पुरुषों को धोती पहननी होती है।

आरती एवं अनुष्ठान-सूची

  • सुबह 4:00सुबह 4:30मंगल आरतीसार्वजनिक दर्शन आरंभ होने से पूर्व
  • सुबह 8:00सुबह 8:30जलहरी सघन
  • दोपहर 12:00दोपहर 12:30महाप्रसाद / माध्यन्ह आरती
  • रात 7:30रात 8:15संध्या आरती
  • रात 9:00रात 9:30शयन आरती
घंटे-दर-घंटे

दिन भर में कौन-सा मंदिर कब खुला है

हर पट्टी एक मंदिर का दिन है, आधी रात से आधी रात तक। रिक्त स्थान वह समय है जब द्वार बंद रहते हैं; खड़ी रेखा भारत का इस क्षण का समय है।

घड़ी के अनुसार योजना

समय को अपने अनुकूल कैसे बनाएँ

तालिका बताती है कि द्वार कब खुले हैं। ये वे घंटे हैं जो तय करते हैं कि दर्शन सहज होंगे या यात्रा व्यर्थ जाएगी।

वे अनुष्ठान जिनके लिए जल्दी उठना सार्थक है

कई धामों में दिन का सबसे विलक्षण दर्शन सूर्योदय से पहले होता है, और वह दिन में दोबारा नहीं होता।

रात 3:00
मंगला आरती

भोर से पहले भगवान को जगाया जाता है। स्थान सीमित हैं और टिकट जल्दी समाप्त हो जाते हैं — बुकिंग केवल आधिकारिक पोर्टल या ऐप से करें।

सुबह 4:00
भस्म आरती

भोर का भस्म-अनुष्ठान, जो बारह में और कहीं नहीं होता। प्रवेश निःशुल्क है पर बुकिंग अनिवार्य है, और रात 2:30 बजे तक द्वार पर पहुँचना होता है।

सुबह 5:00
निजरूप दर्शन

श्रृंगार से पहले लिंग के निज रूप के दर्शन — और यह केवल आधे घंटे का होता है।

सुबह 5:10
स्फटिकलिंग दीप आराधना

स्फटिक लिंग के दर्शन केवल इसी प्रातःकालीन आराधना में, अलग टिकट पर होते हैं। इसके तुरंत बाद 22 कुंडों की ओर चलें, जब तक वे ख़ाली हैं।

निकलने से पहले इन्हें बुक करें

बारह में से किसी भी धाम पर सामान्य दर्शन के लिए टिकट नहीं चाहिए। इनके लिए चाहिए, और बिना बुकिंग पहुँचने पर लौटना पड़ता है।

  • यात्रा पंजीकरण — अनिवार्यकेदारनाथ

    प्रत्येक यात्री को यात्रा से पूर्व उत्तराखंड सरकार के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होता है। आपको QR-कोड युक्त पंजीकरण पत्र मिलता है, जिसकी मार्ग की चौकियों पर जाँच होती है। 2026 का पंजीकरण 6 मार्च को खुला। मुद्रित प्रति और डिजिटल प्रति — दोनों साथ रखें।

    registrationandtouristcare.uk.gov.in
  • भस्म आरतीमहाकालेश्वर

    प्रवेश निःशुल्क है किंतु अनुमति अनिवार्य और क्षमता सीमित। बहुत पहले ऑनलाइन बुक करें — श्रावण, सोमवार और शिवरात्रि पर स्लॉट लगभग तत्काल समाप्त हो जाते हैं। मुद्रित अनुमति और फ़ोटो पहचान-पत्र साथ रखें।

    mahakaleshwar.nic.in
  • संध्या एवं शयन आरतीमहाकालेश्वर

    संध्या आरती की बुकिंग प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे और शयन आरती की सायं 4:00 बजे खुलती है, कोटा भरने तक पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर।

    mahakaleshwar.nic.in
  • आरती बुकिंगकाशी विश्वनाथ

    मंगला, भोग, सप्तऋषि और शृंगार — सभी आरतियाँ सशुल्क हैं और पहले से बुक करनी होती हैं, विशेषकर मंगला। बुकिंग केवल आधिकारिक पोर्टल या मंदिर ऐप पर करें।

    shrikashivishwanath.org
  • व्यस्त दिनों में चरणबद्ध स्लॉटमल्लिकार्जुन

    शनिवार, रविवार, सोमवार और सार्वजनिक अवकाश पर प्रवेश निर्धारित स्लॉट से होता है। इन दिनों पूर्व बुकिंग व्यावहारिक रूप से अनिवार्य है।

    srisailadevasthanam.org

दोपहर में कपाट बंद होने के समय न पहुँचें

8 मंदिर दोपहर में कुछ समय के लिए अपने द्वार बंद रखते हैं। उस अंतराल में पहुँचे तो बाहर प्रतीक्षा करनी पड़ेगी।

जब घोषित समय लागू नहीं होते

महाशिवरात्रि (फ़रवरी / मार्च)

सोमनाथ, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, त्र्यंबकेश्वर, नागेश्वर और रामनाथस्वामी पूरी रात खुले रहते हैं, और घृष्णेश्वर सुबह 3 बजे से ही खुलकर रात 11 बजे तक खुला रहता है। काशी विश्वनाथ में आरती के टिकट बहुत महँगे हो जाते हैं। लगभग हर जगह कई घंटों की पंक्ति की अपेक्षा रखें।

श्रावण (जुलाई / अगस्त)

सोमवार वर्ष के सबसे भीड़भाड़ वाले दिन होते हैं। काशी विश्वनाथ अवरुद्ध तिथियों वाला अलग बुकिंग-कैलेंडर चलाता है, घृष्णेश्वर अपना समय बढ़ा देता है, और वैद्यनाथ में श्रावणी मेले के दौरान पंक्ति और समय ज़िला प्रशासन सँभालता है।

केदारनाथ का यात्रा-काल

कपाट खुलने की तिथि हर वर्ष महाशिवरात्रि पर घोषित होती है और कपाट भैया दूज पर बंद होते हैं। इस अवधि के बाहर धाम हिम से ढका रहता है और भगवान की पूजा ऊखीमठ में होती है। उत्तराखंड पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य और निःशुल्क है।

दर्शन समय — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का समय क्या है?
हर मंदिर अपना समय स्वयं घोषित करता है। बारहों में दर्शन रात 2:30 से सुबह 7:00 के बीच शुरू होते हैं और रात 8:00 से रात 11:00 के बीच समाप्त होते हैं, तथा इनमें से 8 दोपहर में विराम लेते हैं। इस पृष्ठ के ऊपर की तालिका में हर मंदिर के दर्शन-समय सजीव खुला/बंद स्थिति के साथ दिए गए हैं।
कौन-सा ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए सबसे पहले खुलता है?
काशी विश्वनाथ, जहाँ दर्शन रात 2:30 बजे शुरू होकर रात 11:00 बजे तक चलते हैं — भारत के किसी भी मंदिर के सबसे लंबे दर्शन-दिवसों में से एक।
कौन-से ज्योतिर्लिंग दोपहर में बंद रहते हैं?
मल्लिकार्जुन (दोपहर 1:00 – दोपहर 3:00), ओंकारेश्वर (दोपहर 12:20 – दोपहर 1:15, शाम 4:00 – शाम 4:15), केदारनाथ (दोपहर 3:00 – शाम 5:00), भीमाशंकर (दोपहर 12:00 – दोपहर 12:30), वैद्यनाथ (दोपहर 3:30 – शाम 6:00), नागेश्वर (दोपहर 12:30 – शाम 5:00), रामनाथस्वामी (दोपहर 1:00 – दोपहर 3:00) और घृष्णेश्वर (दोपहर 3:00 – शाम 5:30)। सोमनाथ, महाकालेश्वर, काशी विश्वनाथ और त्र्यंबकेश्वर में दोपहर का कोई निश्चित विराम नहीं है, यद्यपि किसी अनुष्ठान के समय दर्शन रुक सकते हैं।
क्या बारहों ज्योतिर्लिंगों में दर्शन निःशुल्क है?
हाँ। सामान्य दर्शन बारह में से किसी भी धाम पर निःशुल्क है; अधिक से अधिक पंक्ति में लगना पड़ता है। शुल्क केवल शॉर्टकट का है — कई मंदिरों में शीघ्र दर्शन पास — और टिकट वाली आरतियों व प्रायोजित पूजाओं का। ऊपर हर मंदिर के खंड में उसका शुल्क दिया गया है।
महाकालेश्वर में भस्म आरती कितने बजे होती है?
प्रतिदिन सुबह 4:00 – सुबह 6:00। प्रवेश निःशुल्क है, पर आधिकारिक पोर्टल पर बुकिंग अनिवार्य है और स्थान सीमित हैं। रात 2:30 बजे तक द्वार पर पहुँचें — अनुष्ठान शुरू होने से बहुत पहले प्रवेश बंद हो जाता है।
केदारनाथ दर्शन के लिए कब खुला रहता है?
केवल यात्रा-काल में: कपाट 22 अप्रैल 2026 को खुलते हैं और ≈ 11 नवंबर 2026 (भैया दूज) को बंद होते हैं। इस अवधि में दर्शन सुबह 7:00 – दोपहर 3:00 और शाम 5:00 – रात 8:30 होते हैं। इसके बाहर धाम बंद रहता है और भगवान की पूजा ऊखीमठ में होती है।
क्या श्रावण और महाशिवरात्रि पर दर्शन का समय बदलता है?
हाँ, काफ़ी। महाशिवरात्रि की रात कई मंदिर पूरी रात खुले रहते हैं, दोनों अवसरों पर घृष्णेश्वर सुबह 3 बजे से ही खुलकर रात 11 बजे तक खुला रहता है, और श्रावणी मेले में वैद्यनाथ का समय बढ़ जाता है। घोषित समय को सामान्य दिनों का समय मानें और पर्व पर जाने से पहले मंदिर की अपनी सूचना देखें।
दर्शन के लिए दिन का सबसे अच्छा समय कौन-सा है?
लगभग हर जगह सुबह-सुबह, और सोमवार को छोड़कर किसी कार्यदिवस पर। काशी विश्वनाथ में सुबह 6 से 8, सोमनाथ में सुबह 6 से 7 और घृष्णेश्वर में सुबह 6 बजे पंक्ति सबसे छोटी रहती है; रामेश्वरम् में सुबह 4:30 बजे तक पहुँचें। तिथियाँ लचीली हों तो सोमवार, श्रावण और पर्वों से बचें।
ये समय कितने सटीक हैं?
ये हर मंदिर के आधिकारिक पोर्टल से संकलित हैं और अंतिम बार 13 अगस्त 2026 को सत्यापित किए गए। मंदिर कभी-कभी बिना पूर्व सूचना के समय बदल देते हैं, इसलिए यात्रा से पहले आधिकारिक पोर्टल पर — जिसका लिंक हर मंदिर के खंड में है — पुष्टि अवश्य करें।

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